
हर वर्ष भाद्रपक्ष के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन सभी भक्तजन अपने घर व दुकानों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। कुछ लोग अज्ञानवश या लापरवाही में ऐसी गलतियां कर जाते हैं जो नहीं करनी चाहिए। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ बातें।
गणपति प्रतिमा चाहे घर में स्थापित करनी हो या दुकान पर, यह जरूर ध्यान रखें कि उनके दोनों पैर जमीन का स्पर्श करते हुए हो। इससे घर में सुख-समृद्धि तथा स्थिरता आती है।
घर में गणेशजी की बैठी हुई तथा दुकान या कार्यस्थल पर खड़े गणपति की प्रतिमा स्थापित करनी चाहिए।
जब भी घर में गणपति की मूर्ति या चित्र लाएं तो उनकी प्रतिमा बाएं हाथ की तरफ ही होनी चाहिए। दाएं हाथ वाले गणेशजी की प्रतिमा तंत्र प्रयोगों के लिए ही शुभ मानी गई हैं, मंदिरों में भी उनकी स्थापना विशेष प्रयोग हेतु ही की जाती है।
घर में सफेद या सिंदूर रंग की ही प्रतिमा स्थापित करनी चाहिए। अन्य किसी रंग के नहीं। इनकी आराधना से सभी कार्य सिद्ध होते हैं।
घर का जो भी हिस्से वास्तु के अनुसार ठीक न हो, वहीं घी में सिंदूर मिलाकर गणपति स्वरूप स्वास्तिक दीवार पर बनाने चाहिए। इससे धीरे-धीरे वास्तु दोष का प्रभाव समाप्त हो जाता है।